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Kahani Puri Filmi Hai - 2
(continued from Part 1)
This time it was Mani Maos turn as the ball was with her when the music stopped. It seemed she had already decided what scene she would play since she immediately got up and called Kitty Cat, Sniffy Dog, Greedi Cat, Lalchi Cat, Chatty Cat and Filmi Cat and explained to them the scene. By now I was also getting interested in playing some role so I asked Mani Mao if she could give me a role in that scene. Taking pity upon me, Mani Mao agreed. The scene was going to be a court scene based upon the adventures of Greedi Cat and Lalchi Cat. The background of the scene was that as usual Greedi Cat and Lalchi Cat had gone on some new adventure and as usual landed themselves in trouble. This time, the Cat Police had caught them while running away and charged them with the murder of a neighbourhood businessman Sharmaji. In the scene, Sniffy Dog was made the Judge since he was a dog and hence would not be partial to any cat. Kitty Cat was the public prosecutor and Mani Mao was Greedi and Lalchi Cats lawyer. The non participating cats were going to be the audience in the court. Mani Mao also explained me of my important role in this scene and the dialogues I was supposed to say. As everyone took their places, the scene began.
Sniffy Dog : अदालत की कारवाई शुरू की जाए... Me : मुजरिम ग्रीडी कॅट और लालची कॅट हाज़िर हो
Mani Mao : Objection Milord
जब तक मेरे मुअक्कील पर इल्ज़ाम साबित नही होता, उन्हे मुजरिम ना कहा जाए
Sniffy Dog : Objection sustained... Sniffy then looked at me and asked me to repeat my dialogue properly. Me : ग्रीडी कॅट और लालची कॅट हाज़िर हो
Greedi and Lalchi Cat entered the court eating ice cream in cones. Kitty Cat then stood up and started .. Kitty Cat : मीलॉर्ड, 24 फ़रवरी की रात को 11 बजे शहर के मशहूर उद्योगपति शर्माजी का किसी ने खून कर दिया. मौकाए वारदात पर जो सुराग मिले है और पुलिस को गवाहों से जो जानकारी मिली है उसके बिना पर पुलिस का ये मानना है की शर्माजी का खून ग्रीडी कॅट और लालची कॅट ने ही किया है. और अदालत के सामने ये साबित करने के लिए मैं कुछ गवाह पेश करने की इजाजत चाहती हूँ... Sniffy Dog : इजाजत है
Kitty Cat : मेरे पहले गवाह है काबिल और होशियार पुलिस इनस्पेक्टर शेरू कॅट जिन्होने इस हादसे की पूरी तरह से छानबीन की है... Me : इनस्पेक्टर शेरू हाज़िर हो
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Chatty Cat entered the court posing as Inspector Sheru and stood in the witness box. Me : छोटी कॅट के सर की कसम ख़ाके कहिए की जो कुछ कहेंगे सच कहेंगे... सच के सिवा कुछ नही कहेंगे... (Chhoti Cat was startled to hear this and started "यूँ तो देखनेवाली बात ये है की हमारी कसम क्यूँ खाई जा रही है ?", but no one seemed to pay attention to her this time and the case continued...) Chatty Cat : मैं छोटी के सर की कसम ख़ाके कहता हूँ की जो कुछ कहूँगा सच कहूँगा ..सच के सिवा कुछ नही कहूँगा..
Kitty Cat : इनस्पेक्टर शेरू, क्या आप अदालत को बताएंगे की 24 फ़रवरी की रात को शर्माजी के घर पर क्या हुआ ? Chatty Cat (looking at Sniffy Dog) : जज साहब, 24 फ़रवरी को रोज की तरह मैं अपनी ड्यूटी पर सो रहा था तभी अचानक किसी का फोन आया की शर्मा जी का किसी ने खून कर दिया है... इस लिए मैं फौरन अपनी जीप लेके उनके बंगले पर पहुँचा... जैसे ही मैं उनके बंगले के नजदीक पहुँचा तो मैने देखा की ग्रीडी और लालची कॅट बंगले से बाहर निकलके जोर से भाग रहे थे. फिर मैने अपने हवलदार पांडू कॅट को उनका पीछा करके पकड़ने को कहा और खुद शर्मा जी के बंगले में गया... Kitty Cat : वहाँ पर आपने क्या देखा ? Chatty Cat : वहाँ पर मैने देखा की शर्मा जी अपने कमरे में मरे पड़े हैं और उनकी लाश के करीब एक खाली गिलास पड़ा हुआ है... Kitty Cat : आपने उनके कमरे में और क्या देखा ? Chatty Cat : मैने ये भी देखा की शर्मा जी के कमरे में उनकी तिजोरी खुली पड़ी हुई थी और उसमे कुछ भी नही था
Kitty Cat : फिर आपने क्या किया , इनस्पेक्टर शेरू ? Chatty Cat : फिर मैने शर्मा जी की लाश को पोस्ट मॉर्टेम के लिए भेज दिया और हमारे डिपार्टमेंट के फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर कमरे में से उंगलियों के और पैरों के निशान ले लिए... और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट के मुताबिक मौकाए वारदात पर जो पैरों के निशान मिले हैं वो बिल्कुल ग्रीडी और लालची कॅट के पैरों के निशान से मिलते हैं...
Kitty Cat : और पोस्ट मॉर्टेम की रिपोर्ट क्या कहती है ? Chatty Cat : पोस्ट मॉर्टेम की रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा जी की मौत किसी जहरीली दवाई पीने से हुई है जो उन्हे शायद ग्लास में दी गयी थी ... Kitty Cat (turning to Sniffy Dog) : मीलॉर्ड, मौकाए वारदात पे ग्रीडी और लालची कॅट के पैरों के निशान मिलना, शर्मा जी की तिजोरी में से रुपये गायब होना और उसी वक्त शर्मा जी के बंगले के बाहर ग्रीडी और लालची कॅट का रंगे हाथों पकड़ा जाना इससे ये साफ ज़ाहिर होता है की ग्रीडी और लालची कॅट ने ही पैसों के लिए शर्मा जी का बेरहमी से खून कर दिया... इस लिए मेरी अदालत से गुजारिश है की दोनो को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए...Thats all Milord...
Sniffy Dog (turning to Mani Mao) : आपको इनस्पेक्टर शेरू से कुछ पूछना है ? Mani Mao now got up from her seat and went near Chatty Cat
Mani Mao : हाँ तो इनस्पेक्टर शेरू, क्या आप बता सकते हैं की आपके हवलदार पांडू कॅट ने ग्रीडी और लालची कॅट को कहाँ पकड़ा ? Chatty Cat : जी, शर्मा जी के बंगले के बाहर.. Mani Mao : तो ये आप कैसे कह सकते हैं की जिस वक्त शर्मा जी का खून हुआ, उस वक्त वो दोनो शर्मा जी के कमरे में थे ? Chatty Cat : मैने कहा ना
मौकाए वारदात पर जो पैरों के निशान मिले हैं वो ग्रीडी और लालची कॅट के पैरों के निशान से बिल्कुल मिलते जुलते हैं... Mani Mao : इससे ये साबित नही होता की शर्मा जी का खून भी उन्होने किया है... हो सकता है उस वक्त उनके कमरे में ग्रीडी और लालची कॅट के अलावा कोई और भी मौजूद हो जिसने शर्मा जी का खून किया हो ... Chatty Cat (now looking puzzled) : उनके कमरे में और कौन हो सकता है ?
Mani Mao : इनस्पेक्टर शेरू, क्या आपने कभी बिल्ली देखी है ? Chatty Cat : जी, रोज सुबह तो अपने आप को आईने में देखता हूँ
(laughter from audience)
Sniffy Dog : Order Order
Mani Mao : और क्या आपने कभी चूहा देखा है ? Chatty Cat : कैसी बात कर रहे हैं आप वकील साहिबा ? चूहों को पकड़ने के लिए ही तो भगवान ने हमें बनाया है
(laughter from audience)
Mani Mao : काफी समझदार मालूम होते हैं आप
तो मुझे ये बताइए की एक चूहे और बिल्ली के पैरों में बड़े पैर किसके होते हैं ? Kitty Cat (getting up) : Objection Milord, मेरी काबिल दोस्त फिजूल के सवाल पूछके अदालत का वक्त बरबाद कर रही है...
Mani Mao : जी मैं फिजूल के सवाल नही कर रही हूँ, बल्कि कुछ साबित करना चाहती हूँ
मुझे अपनी बात पूरी करने का मौका दिया जाए मीलॉर्ड
Sniffy Dog : Objection overruled, मनी माऊ को अपनी बात पूरी करने का मौका दिया जाए...
Mani Mao : Thank you Milord (then turning to Chatty Cat) : हाँ तो इनस्पेक्टर शेरू, मुझे बताइए की एक चूहे और बिल्ली के पैरों में बड़े पैर किसके होते हैं ? Chatty Cat : जी बिल्ली के
Mani Mao : और जब बिल्ली एक चूहे को पकड़ने की कोशिश करती है, तो पीछे कौन होता है ? चूहा या बिल्ली ? Chatty Cat : जी
बिल्ली
Mani Mao : तो यकीन कीजिए की अगर ज़मीन पर एक बिल्ली चूहे के पीछे भाग रही है और अगर उसके पैर चूहे के पैरों से बड़े हैं तो ज़मीन पर पैरों के निशान किसके दिखेंगे ? चूहे के या बिल्ली के ? Chatty Cat (visualizing the scene) : जी
बिल्ली के
Mani Mao : तो अगर शर्मा जी के कमरे में ग्रीडी और लालची कॅट के पैरों के निशान मिले हैं, तो क्या इसका ये मतलब नही होता की वहाँ पर एक या ज्यादा चूहे भी मौजूद थे ? Chatty Cat : लेकिन
Mani Mao (shouting) : मेरे सवाल का जवाब हाँ या ना में दीजिए ... वहाँ पर चूहे हो सकते हैं या नहीं ? Chatty Cat (getting scared) : हाँ, हो सकते है
Main Mao (turning to Sniffy Dog) : Point to be noted Milord, अभी अभी इनस्पेक्टर शेरू ने बताया है की शर्मा जी के कमरे में उस वक्त कुछ चूहे भी मौजूद थे
Chatty Cat is trying hard to remember when he had said this... Mani Mao (turning back to Chatty Cat) : हाँ तो इनस्पेक्टर शेरू, आपने अपनी रिपोर्ट में लिखा है की उस दिन ग्रीडी और लालची कॅट शर्मा जी का खून करके उनके पैसे लेके भाग रहे थे... ऐसा आपको क्यूँ लगा ? Chatty Cat : मैने कहा ना की शर्मा जी के कमरे की तिजोरी खुली हुई थी और उसमे से रुपये गायब थे
Mani Mao : तो जब पांडू कॅट ने ग्रीडी और लालची कॅट को पकड़ा तो आपको उनके पास से वो रुपये भी मिले होंगे ? Chatty Cat : जी नही... उनके पास मुझे कोई रुपये तो नही मिले
Mani Mao : तो आप ये कैसे कह सकते हैं की शर्मा जी का खून ग्रीडी और लालची कॅट ने रुपयों के लिया किया ? अगर ऐसी बात है तो आखिर वो रुपये गये कहाँ ? Chatty Cat : जी, हो सकता हैं उन्होने वो रुपये शर्मा जी के बगीचे में कहीं छुपाए हो
शायद उन्होने सोचा होगा की बाद में आके ले जाएंगे... Mani Mao (again shouting) : ये 'हो सकता है' और 'शायद' का क्या मतलब है, इनस्पेक्टर शेरू ?
अदालत शक के बिना पर नही चलती.. अदालत ठोस सबूत मांगती है... और आपके पास ऐसा कोई सबूत नही है जिससे ये साबित हो सके की ग्रीडी और लालची कॅट ने ही शर्मा जी का खून किया है
इतना ही नही आप तो ये भी साबित नही कर सके की उन्होने शर्मा जी की तिजोरी से रुपये चुराए या उनके पास खून करने के लिए कोई और मकसद था... और बिना मकसद के किसी जुर्म का कोई मतलब नही होता... आप जा सकते हैं
(claps and whistles from audience)
Mani Mao returned to her seat and turning to Kitty Cat said You may proceed.... Kitty cat (turning to Sniffy Dog) : मेरा अगला गवाह है शर्मा जी का पुराना और वफादार नौकर रामू... Me : रामू कॅट हाज़िर हो
Hearing this, Filmi Cat came in the witness box wearing a small piece of cloth on his shoulder indicating that he is a servant cat. Me : रामू कॅट, छोटी के सर की कसम ख़ाके कहो की जो कुछ कहोगे सच कहोगे सच के सिवा कुछ नही कहोगे
Ramu Cat : मैं छोटी और बड़ी दोनो के सर की कसम ख़ाके कहता हूँ की जो कुछ कहूँगा सच कहूँगा, सच के सिवाय कुछ नही कहूँगा
(laughter from audience) Sniffy Dog : Order Order .. (turning to Ramu Cat) : रामू, तुमसे जितना कहा गया है उतना ही कहो
Kitty Cat now got up from her seat and went near to the witness box to ask questions Kitty Cat : हाँ तो रामू, क्या तुम अदालत को बता सकते हो की तुमने 24 फ़रवरी की रात को क्या देखा ? Ramu Cat : जी 24 फ़रवरी की रात को मैं शर्मा जी की रसोई में खाना बना रहा था तो अचानक मुझे खिड़की में से किसी के अंदर आने का आवाज़ सुनाई दी... इसलिए मैने बाहर के कमरे में आके देखा तो ग्रीडी और लालची कॅट खिड़की से बंगले के अंदर आ रहे थे ... Kitty Cat : तुम इतने यकीन के साथ कैसे कह सकते हो की वो दोनो ग्रीडी और लालची कॅट ही थे ? Ramu Cat : जी मैं उन्हे खूब पहचानता हूँ... पिछले एक साल से वो रोज हमारे बंगले में इसी तरह आ रहे हैं... Kitty Cat : उनके रोज ऐसे आने की वजह ? Ramu Cat : जी दरअसल मैने ही उन्हे कहा था की रोज आके अगर बंगले में कोई चूहे हो तो उन्हे पकड़े...
Mani Mao who was listening to all this carefully suddenly got up and said to Sniffy Dog : "Point to be noted Milord... ग्रीडी और लालची कॅट अपनी मर्जी से शर्मा जी के बंगले में नही गये थे, बल्कि उन्हे रामू कॅट ने खुद चूहे पकड़ने के लिए बुलाया था
Kitty Cat (continuing) : फिर क्या हुआ ? Ramu Cat : कुछ नही
ग्रीडी और लालची कॅट बंगले में रोज की तरह चूहे ढूँढने लगे और मैं वापस रसोई में अपना काम करने लगा
उस रात मैं अपने गाँव जानेवाला था इसलिए रात को 11 बजे मालिक से मिलके अपने गाँव चला गया... Kitty Cat : क्या उस समय आपके मालिक ज़िंदा थे ? Ramu Cat : जी बिल्कुल, मेरी उनसे बात भी हुई
Kitty Cat (turning to Sniffy Dog) : इस बात पे गौर किया जाए मीलॉर्ड.. रात को 11 बजे शर्मा जी ज़िंदा थे लेकिन जब पांडू कॅट ने ग्रीडी और लालची को उनके बंगले के बाहर तकरीबन 11:30 बजे भागते हुए पकड़ा तब तक शर्मा जी की मौत हो चुकी थी
और उस समय उनके बंगले में इन दोनो के अलावा और कोई नही था... इससे ये साफ जाहिर होता है की शर्मा जी का खून ग्रीडी और लालची कॅट ने ही किया है... इस लिए मेरी अदालत से गुजारिश है की उन्हे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए...That's all Milord...
Sniffy Dog (to Mani Mao) : मनी माऊ, तुम्हे रामू कॅट से कुछ पूछना है ? Mani Mao replied Yes Milord and got up and went near the witness box and continued... Mani Mao : हाँ तो रामू मुझे ये बताओ की जब तुमने ग्रीडी और लालची कॅट को 24 फ़रवरी की रात खिड़की से बंगले में आते देखा तो तुमने पुलिस को खबर क्यूँ नही की ? Ramu Cat : जी मैने जरूरी नही समझा
Mani Mao : क्या मैं पूछ सकती हूँ की तुमने ऐसा करना जरूरी क्यूँ नही समझा ? Ramu Cat : मैने बताया ना
वो दोनो पिछले एक साल से रोज बंगले में आते थे, लेकिन इससे पहले बंगले में कभी कोई हादसा नही हुआ, इसलिए मैने उस दिन पुलिस को खबर करना जरूरी नही समझा
Mani Mao (turning to Sniffy dog) : Point to be noted Milord, अभी अभी रामू कॅट ने बताया है की ग्रीडी और लालची कॅट दोनो पिछले एक साल से बंगले में आ रहे हैं, मगर आजतक उनकी वजह से बंगले में कभी कोई हादसा नही हुआ है
Mani Mao (turning to Ramu again and showing him her new shade of clawpolish) : वैसे मेरा ये नया 'clawpolish' कैसे लग रहा है ? (laughter from audience) Kitty Cat (banging the table) : Objection Milord, इस सवाल का इस मुकदमे से कोई तालुक् नही है... Sniffy Dog : Objection sustained... मनी माऊ, आप गवाहों से वही सवाल कीजिए जिनका इस मुकदमे से कोई तालुक् हो...
Mani Mao : Sorry Milord... (turning to Ramu again ) : रामू, तुमने कुछ देर पहले कहा की तुम उस रात को अपने गाँव गये थे
क्या मैं पूँछ सकती हूँ क्यूँ ? Ramu Cat : जी गाँव में मुन्नी की तबीयत उस दिन अचानक खराब हो गयी थी इसलिए
डॉक्टर ने कहा की उसका ऑपरेशन करना पड़ेगा... इसलिए मैं गाँव गया था
Mani Mao : ये मुन्नी कौन है ? आपकी बेटी ? Ramu Cat : जी नही, मुन्नी हमारी पालतू गाय का नाम है... (laughter from audience)
Sniffy Dog : Order Order... क्या किसी गाय का नाम मुन्नी नही हो सकता ? Mani Mao : अच्छा तो रामू, एक बात बताओ... इससे पहले तुम गाँव कब गये हो ? Ramu Cat (remembering) : जी... कुछ दो साल पहले
Mani Mao (turning to Sniffy Dog) : मीलॉर्ड, इस बात पे गौर किया जाए
जो आदमी दो साल से अपने गाँव नही गया वो आदमी ठीक उसी रात को गाँव गया जिस दिन शर्मा जी का खून हुआ
और उसी रात उनके कमरे की तिजोरी से रुपये भी गायब हुए जो पुलिस को ग्रीडी और लालची कॅट के पास नही मिले
Mani Mao (to Ramu Cat ) : रामू, एक और बात बताओ... तुम्हारे मालिक किस तरह के इंसान थे ? Ramu Cat : जी वो खाते पीते किस्म के इंसान थे
Mani Mao : क्या तुम अदालत को बता सकते हो की वो रोज क्या खाते थे और क्या पीते थे ? Ramu Cat : जी वो रोज खाना खाते थे और पानी पीते थे
(laughter from audience) Sniffy Dog : Order Order...
Mani Mao : मेरा मतलब है की क्या उन्हे कोई ऐसी चीज़ खाने की या पीने की आदत थी जिसके बारे में और किसी को पता नही है ? Ramu Cat : जी मेरे मालिक को रोज रात को सोने से पहले एक तली हुई मछली खाने की और एक ग्लास दूध पीने की आदत थी
Mani Mao : और ये उन्हे कौन देता था ? Ramu Cat : जी मैं ही उन्हे रोज रात को ये दोनो चीज़ें बनाके उनके कमरे में जाके देता था
Mani Mao : तो जाहिर है की 24 फ़रवरी की रात को भी तुमने ये चीज़ें शर्मा जी को दी होंगी ? Ramu Cat : जी हाँ
Mani Mao (turning to Sniffy Dog) : अब सब कुछ साफ हो चुका है मीलॉर्ड
24 फ़रवरी की रात को रामू कॅट ने शर्मा जी के दूध के ग्लास में ज़हरीली दवाई मिलाई और उन्हे पीला दी
और जैसे ही उनकी मौत हुई, रामू कॅट ने उनकी तिजोरी खोलके उसमे से पैसे चुराए और अपने गाँव भाग गया
इसलिए असली मुजरिम ग्रीडी और लालची नही, बल्कि रामू कॅट है
Ramu Cat : नही ये झूठ है.. मैं अपने मालिक का खून कैसे कर सकता हूँ ? वो तो एकदम भले इंसान थे, बल्कि उन्होने खुद मुन्नी के ऑपरेशन के लिए तिजोरी में से पैसे निकालके मुझे दिए थे
Mani Mao : हर मुजरिम अपने आप को बेकसूर ही मानता है
इसकी बातों का यकीन नही किया जाए मीलॉर्ड
So saying, Mani Mao returned to her seat.
After thinking for a while, Sniffy said to Greedi and Lalchi Cat : इससे पहले की अदालत अपना फ़ैसला सुनाए, तुम्हें अपनी सफाई में कुछ कहना है ?" Greedi Cat (frightened) : क्या हमें जेल में गाजर का हलवा मिलेगा ? (laughter from audience)
Sniffy Dog : Order Order. ये मजाक का वक्त नही है
किसी की ज़िंदगी और मौत का सवाल है
Lalchi Cat : जी हम बिल्कुल बेकसूर हैं जज साहब
हम तो रोज शर्मा जी के बंगले पर चूहे पकड़ने के लिए जाते थे
लेकिन हाल ही में पता चला था की शर्मा जी रोज रात को एक तली हुई मछली खाते थे और दूध पीते थे
ये दो चीज़ें हमें भी बहुत पसंद है
इसलिए हमने सोचा की उस रात चूहे पकड़ने के बजाय उनके कमरे में जाके मछली खायेंगे और दूध पिएंगे
इसलिए हम रामू का पीछा करते हुए शर्मा जी के कमरे में गये थे लेकिन
Before Lalchi could say anything further, Chatty Cat suddenly came in the court room and handing over an envelope to Mani Mao and whispered something in her ear. Hearing that, Mani Maos eyes seem to widen and she got up from her seat and turning towards Sniffy Dog said : Mani Mao : मीलॉर्ड, अभी अभी मेरे हाथ एक ऐसा सबूत लगा है जो इस मुकदमें पे नयी रोशनी डाल सकता है.. ये सबूत देखने से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा
इसलिए मैं ये सबूत अदालत के सामने पेश करने की इजाजत चाहती हूँ
Sniffy Dog : इजाजत है..
Mani Mao then tore open the envelope given by Chatty Cat and removed a CD from it. She then gave it to the court assistant (thats me !!!) to play it for everyone. She then informed the court that this CD was taken from the video camera of Bunty, the 6 year old grandson of Sharmaji. As I played the CD, everyone could see the view of Mr Sharmas room which was captured when Bunty entered the room with the video camera turned on. He then kept the camera over the TV so that he could shoot himself in the camera. Taking a badminton racquet in one hand, he goes jumping to Mr Sharma and says
Bunty : दादाजी
. बॅडमिंटन..??? Mr Sharma : अरे बंटी बेटा, तुम अभी तक सोए नही?
कितनी रात हो चुकी है
Bunty : दादाजी
. बॅडमिंटन..??? Mr Sharma : अरे हाँ मैने तुझसे कहा था की हम शाम को बॅडमिंटन खेलेंगे लेकिन मैं तो भूल ही गया... कोई बात नही, हम कल सुबह ज़रूर खेलेंगे
Bunty : दादाजी
. बॅडमिंटन..??? Mr Sharma : अरे बेटा अब इस उम्र में पहले जैसे भागदौड़ नही होती मुझसे
Bunty : दादाजी
. बॅडमिंटन..??? Mr Sharma : ऐसा करो तुम अपना नौकर है ना रामू कॅट... उसके साथ बॅडमिंटन खेलो
Bunty : दादाजी
. बॅडमिंटन..???
Now Sharmaji gets upset and takes the badminton racquet from Buntys hand and hits him on the leg with that racquet. Bunty starts crying and leaves the room leaving the video camera in ON mode over the TV . After some time, Ramu Cat enters the room with a plate of fish in one hand and a glass of milk in another. Mr Sharma hears someone coming and asks : कौन ? Ramu Cat : मालिक, मैं आपका पुराना और वफादार नौकर रामू कॅट
Mr Sharma : अरे रामू, कहो कैसे आना हुआ ? Ramu Cat : जी, आपके लिए तली हुई मछली और दूध लाया हूँ
Mr Sharma : अरे हाँ उधर टेबल पे रख दो... मैं बाद में खा लूँगा
As Ramu turns to keep the items on the table, the video shows two cats Greedi Cat and Lalchi Cat stealthily entering the room and watching carefully where Ramu is keeping the plate of fish and glass of milk. After keeping both these things on a table, Ramu Cat turns to Mr Sharma and says : Ramu Cat : मालिक, आपसे कुछ बात करनी थी
Mr Sharma : हाँ कहो
Ramu Cat : जी गाँव से टेलिग्रॅम आया है की मुन्नी की तबीयत अचानक खराब हो गयी है... डॉक्टर ने कहा है की अगर दो दिन के अंदर ऑपरेशन नही किया तो जान को खतरा हो सकता है... आपकी इजाजत हो तो मैं कुछ दिनो के लिए गाँव हो आऊ?
While this conversation is going on, Greedi Cat and Lalchi Cat silently go and hide under the bed in the room waiting for Ramu Cat to go away. Mr Sharma (to Ramu) : अरे हाँ तुम ज़रूर अपने गाँव हो आओ... वैसे भी पिछले दो साल से तुम अपने गाँव नही गये हो
और पैसों की चिंता मत करना
मुन्नी के ऑपरेशन के लिए अगर पैसा चाहिए तो मुझसे ले लेना... So saying, Mr Sharma goes to the locker in his room and opens it and gives whatever cash is left in the locker. Ramu Cat : जी... बहुत मेहेरबानी आपकी... आपका ये एहसान मैं ज़िंदगी भर नही भूलूंगा...
So saying, Ramu Cat finally leaves the room to go to his village and Mr. Sharma returns to an armchair and settles down in it reading a book. Seeing that the coast is now clear, Greedi and Lalchi Cat very silently come out from under the bed and without making any noise climb onto the table and start eating the fish and drinking the milk kept by Ramu Cat. While they are engrossed in doing this, they suddenly hear a shreak from Mr. Sharma and as they turn their heads in his direction, they find that there are two mice near the bed which have just come out of their holes. Seeing them, Mr. Sharma who is scared of mice shouts and goes and jumps on the bed. Seeing all this, Greedi and Lalchi Cat immediately head towards the mice to catch them, but the mice sense them coming and run out of the room with Greedi and Lalchi following them closely. Meanwhile Mr. Sharma is so scared by all this, that he has a mild heart attack. So he rushes to the drawer of the table in which he has supposedly kept some tablets for such situations. But unfortunately he also has kept a bottle of some rat poison tablets in the same drawer planning to spread them under his bed later on to control the rats in his house. But now in a hurry he mistakenly takes the rat poison tablets thinking they are for the heart attack. After some time, he falls unconscious and due to lack of medical treatment on time, unfortunately breathes his last.
After watching the video, everyone now realised what exactly had happened and so Sniffy Dog gave his final judgement... Sniffy Dog : सारे सबूतों और गवाहों को मद्दे नज़र रखते हुए अदालत इस नतीजे पे पहुँची है की 24 फ़रवरी की रात को शर्मा जी के बंगले पर उनका जो खून हुआ और जो चोरी हुई, उसमे ग्रीडी और लालची कॅट का कोई हाथ नही था... वो तो महज़ एक हादसा था और ग्रीडी और लालची कॅट तो सिर्फ हालात के शिकार बन गये... बल्कि सच्चाई तो ये है की जब हवलदार पांडू कॅट ने उन्हे भागते हुए पकड़ा तब वो दोनो चूहों का पीछा कर रहे थे... मतलब अपना फ़र्ज़ निभा रहे थे... इस लिए अदालत दोनो को बेकसूर मानते हुए हिन्द दफ़ा 223(a) के तहत बा इज्जत रिहा करती है... There was a clap from the audience as Greedi and Lalchi Cat hugged each other on hearing this..
Sniffy Dog continued : और शर्मा जी की मौत जिस तरह से हुई उससे सबक लेते हुए और ऐसे हादसे दुबारा ना हो इसलिए अदालत ये हुकुम देती है की आज के बाद हर इंसान को अपने घर में कम से कम एक बिल्ली पालनी होगी जिसकी वजह से घर में कोई चूहे नही होगे और इंसानों को चूहे मारनी वाली दवाइयां अपने पास रखने की जरूरत नही पड़ेगी और ऐसे हादसे फिर नही होंगे. घर में चूहे ना होने की वजह से इंसानों की प्लेग जैसी जान लेवा बीमारियों से भी रक्षा होगी और ग्रीडी और लालची कॅट जैसे बेरोजगार बिल्लियों को नौकरी मिलेगी जिससे समाज में छोटा बिल्ली जैसे मासूम गुंडे पैदा नही होंगे... और जिस बहादुरी के साथ ग्रीडी और लालची कॅट ने अपना फ़र्ज़ निभाया उसे देखते हुए अदालत ये हुकुम भी देती है की जब तक शर्मा जी का पोथा बंटी 18 साल का नही हो जाता तब तक ग्रीडी और लालची दोनो शर्मा जी के बंगले पर उसकी हिफ़ाज़त के लिए रहेंगे... और रामू कॅट रोज उन्हे उनकी पसंद का खाना बनाके खिलाएगा... Again there was a big clap from the audience as Sniffy Dog completed his judgement and went inside.
After that everyone got up and Greedi Cat called up Badeee Cat on her mobile and said : Greedi Cat : माँ, एक खुशख़बरी है... अदालत ने मुझे और लालची को बा इज्जत रिहा कर दिया है... Badeee Cat : सच ? मैने कहा था ना... जाको राखे साईयां... मार सके ना कोई... Greedi Cat (getting confused) : लेकिन माँ, तुमने तो कहा था की हम सब ज़िंदगी के रंगमंच की कठपुतलियाँ हैं, जिनकी डोर उपरवाले के हाथ में बंधी हुई है... Badeee Cat : एक ही बात है बेटा, वैसे भी कालिदास जी ने कहा है ना की नाम में क्या रखा है ... Greedi Cat (again getting confused) : लेकिन माँ, तुमने तो कहा था की ये शेक्सपियर ने कहा है... Badeee Cat (getting upset) : मैने कहा ना की नाम में क्या रखा है... कालिदास ने कहा हो या शेक्सपियर ने कहा हो... किसी ने कहा तो है... Greedi Cat : ठीक है माँ... और हाँ... एक और खुशख़बरी है... मुझे शर्मा जी के बंगले में नौकरी मिल गयी है... Badeee Cat : सच ? भगवान का लाख लाख शुक्र है... मैने कहा था ना की उपरवाले के घर में देर है लेकिन अंधेर नही... So saying, Badeee Cat suddenly starts singing a philosophical song : गम का बादल जो छाए... तो हम मुस्कुराते रहें... अपनी आँखों में आशाओं के ... दीप जलाते रहें... आज बिगड़े तो... कल फिर बने... आज रूठे तो... कल फिर मने... वक्त भी जैसे एक मीत है... ज़िंदगी की यही रीत है... ज़िंदगी की यही रीत है... हार के बाद ही जीत है... थोड़े आँसू है... थोड़ी हंसी... आज गम है तो कल है खुशी... Seeing that Badeee Cat was in no mood to stop, Greedi Cat said "माँ, मुझे बहुत जोरो की भूक लगी है..." Hearing that, Badeee Cat finally stopped singing and said "बेटा जल्दी से घर आ जाओ, मैने तुम्हारे लिए गाजर का हलवा बनाया है..."
That was the end of the scene from Mani Mao.
(contd ....)
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